Hindi Kavita

Hindi Rhymes: चाँदनी की पाँच परतें हर परत अज्ञात है

चाँदनी की पाँच परतें हर परत अज्ञात है – Sarveshwar Dayal Saxena

चाँदनी की पाँच परतें,
हर परत अज्ञात है।
एक जल में
एक थल में,
एक नीलाकाश में।
एक आँखों में तुम्हारे झिलमिलाती,
एक मेरे बन रहे विश्वास में।

सिंहासन खाली करो कि जनता आती है

रामधारी सिंह दिनकर पर कविता: विश्वसुन्दर पदों का कवि

विश्वसुन्दर पदों का कवी था वो,
रामधारी सिंह दिनकर, नाम जो ध्यानों में बसा।
कविताओं के सागर से लिए वो जल,
उन्मुक्त और प्रगट कर गए वो मनोहारी काव्य-फल।

मानसून पर कविता

मानसून पर कविता: बादलों की छांव में रंग बदलती ये धरा

बादलों की छांव में रंग बदलती ये धरा,
आसमान से बरसती बूँदों की वर्षा।
प्रकृति की खुशबू घुलती हर जगह,
आकर्षक और मग्न कर देती ये मौसम की बरसात।

Khud Par Kavita

Khud Par Kavita: खुद की अद्भुतता में मैं पुरुषार्थ हूँ

खुद को खोजता हूँ, खुद में खो जाता हूँ,
अपने अंदर की गहराइयों में रौशनी ढूंढता हूँ।
मस्तिष्क की उलझनों को सुलझाता हूँ,
अपनी रूह की आवाज़ को सुनता हूँ।

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