युवा पर कविता: भटकती युवा पीढ़ी पर कविता

युवा पर कविता: भटकती युवा पीढ़ी पर कविता

युगों-युगों से युवा शक्ति ने दी पहचान,
हम सबको दिया आगे बढ़ने का ज्ञान।
अंतरिक्ष से, जाना हैं आगे हमें,
अपनी शक्ति अजमाना है हमें।

मां की तस्वीर नहीं रखता कमरे में मैं – छोटी सी कविता
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मां की तस्वीर नहीं रखता कमरे में मैं – छोटी सी कविता

मां की तस्वीर नहीं रखता
कमरे में मैं
वह बसती है यादों में मेरे
आंखों से बहती सांझ सबेरे

खग उड़ते रहना जीवन भर – गोपाल दास नीरज की कविता

खग उड़ते रहना जीवन भर – गोपाल दास नीरज की कविता

खग! उड़ते रहना जीवन भर!
भूल गया है तू अपना पथ‚
और नहीं पंखों में भी गति‚
किंतु लौटना पीछे पथ पर अरे…

कच्ची सड़क – सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता

कच्ची सड़क – सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता

सुनो ! सुनो !
यहीं कहीं एक कच्ची सड़क थी
जो मेरे गाँव को जाती थी।
नीम की निबोलियाँ उछालती

एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार की कविता

एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार की कविता

जा तेरे स्वप्न बड़े हों।
भावना की गोद से उतर कर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें।
चाँद तारों सी अप्राप्य ऊचाँइयों के लिये..

आ रही रवि की सवारी – हरिवंश राय बच्चन

आ रही रवि की सवारी – हरिवंश राय बच्चन

नव-किरण का रथ सजा है,
कलि-कुसुम से पथ सजा है,
बादलों-से अनुचरों ने स्‍वर्ण की पोशाक धारी।
आ रही रवि की सवारी।

इंकार कर दिया – रामावतार त्यागी की कविता

इंकार कर दिया – रामावतार त्यागी की कविता

मेरे पीछे इसीलिये तो
धोकर हाथ पड़ी है दुनिया
मैंने किसी नुमाइश घर में
सजने से इंकार कर दिया।

आओ मन की गांठें खोलें – अटल बिहारी वाजपेयी

आओ मन की गांठें खोलें – अटल बिहारी वाजपेयी

यमुना तट, टीले रेतीले,
घास–फूस का घर डंडे पर,
गोबर से लीपे आँगन मेँ,
तुलसी का बिरवा, घंटी स्वर

Hariom Pawar Kavita | हरिओम पवार की कविता

Hariom Pawar Kavita | हरिओम पवार की कविता

1. घाटी के दिल की धड़कन,
2. काला धन,
3. मै मरते लोकतन्त्र का बयान हूँ,
4. बागी हैं हम इन्कलाब के गीत सुनाते जायेंगे