वीर नारी पर कविता – नारी तू प्रयास कर | प्रणिता मेश्राम

वीर नारी पर कविता – नारी तू प्रयास कर | प्रणिता मेश्राम

चल निकल प्रथस्त पथ पर,
इस धरती का अभिमान है तू।
हृदय भी दे दुआ जिसे देखकर,
उस मां की श्रवण कुमार है तू।

Rabindranath Tagore Poems In Hindi | रविंद्र नाथ टैगोर की प्रमुख रचनाएं

Rabindranath Tagore Poems In Hindi | रविंद्र नाथ टैगोर की प्रमुख रचनाएं

1. मन जहां डर से परे है
2. विपदाओं से रक्षा करो
3. रोना बेकार है
4. गर्मी की रातों में

बचपन कविता सुभद्रा कुमारी चौहान | मेरा नया बचपन

बचपन कविता सुभद्रा कुमारी चौहान | मेरा नया बचपन

मैं बचपन को बुला रही थी
बोल उठी बिटिया मेरी।
नंदन वन-सी फूल उठी
यह छोटी-सी कुटिया मेरी॥

गुड़ी पड़वा ही हो नववर्ष हमारा | गुड़ी पड़वा व हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

गुड़ी पड़वा ही हो नववर्ष हमारा | गुड़ी पड़वा व हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

प्रकृति में इसी समय,
नवीनता का होता सृजन
नव कपोलें उगती,
पुराने पत्तों का होता क्षरण..

10 हिंदी की बेहतरीन कविताएं | हिंदी कविताएं

10 हिंदी की बेहतरीन कविताएं | हिंदी कविताएं

प्रकृति संदेश, काश ज़िंदगी एक किताब होती,
समय, मंजिल तुझे पाना है,
बचपन, मकान, हिंदी भाषा,
नीला रंग, रिश्ता, जानवरो पर संकट

8 Best Dushyant Kumar Poems | दुष्यंत कुमार की रचनाएँ

8 Best Dushyant Kumar Poems | दुष्यंत कुमार की रचनाएँ

1. अब तो पथ यही है, 2. धर्म,
3. तीन दोस्त, 4. आग जलती रहे,
5. कौन यहाँ आया था,
6. वो आदमी नहीं है मुकम्मल..

अब मत मेरा निर्माण करो – हरिवंशराय बच्चन

अब मत मेरा निर्माण करो – हरिवंशराय बच्चन

तुमने न बना मुझको पाया,
युग-युग बीते, मैं न घबराया;
भूलो मेरी विह्वलता को,
निज लज्जा का तो ध्यान करो!

इस पार – उस पार | हरिवंश राय बच्चन
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इस पार – उस पार | हरिवंश राय बच्चन

इस पार, प्रिये, मधु है तुम हो,
उस पार न जाने क्या होगा
यह चाँद उदित होकर नभ में
कुछ ताप मिटाता जीवन का