Category: रश्मिरथी

Krishna Ki Chetavani Poem in Hindi

Krishna Ki Chetavani Poem in Hindi | रामधारी सिंह दिनकर | Rashmirathi

वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है