Top Navigation Menu
Main Navigation Menu
Advertisement
Kavita Dunia Original
Home >
शिव पर कविता
> महाशिवरात्री पर कविता | Poem on Shiv in Hindi
March 9, 2024
महाशिवरात्री पर कविता | Poem on Shiv in Hindi
फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी, महाशिवरात्री का महात्योहार सृष्टि का आरम्भ अग्नि लिंग से, जो महादेव का असीम आकार शिव पार्वती के विवाह से जोडकर, प्रारंभ बताते कथाकार ज्यादा सटीक समुद्र मंथन की कहानी, जब विष पीकर बचाया संसार नृत्य संगीत और ध्यान योग से, देवों ने किया शिव सत्कार तभी से मनाते शिवरात्री मानने शिव का महा आभार शिव स्वयं मे है त्रिमूर्ति, ब्रह्मा, विष्णु, महेश इनके ही हैं अवतार ब्रह्मा से उत्पत्ति, विष्णु से पोषण शंकर बन करते संहार सेकड़ों नाम महादेव के, पर सुधिजन ज्योतिपुंज या प्रकाश स्वरूप बतलायें महाशिवरात्री पर्व की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनायें जो नहीं मानते साकार स्वरूप वह भी मानते अलोकिक शक्ति रहस्य मय है चिन्तन शिव का पार न पाते इनका व्यक्ति ज्योति स्वरूप है, शांति स्वरूप है, परम धाम से है उत्पत्ति अनाशक्त है, अव्यक्त है, अनादि है, अनन्त हैं और अद्विती वेद, उपनिषदों से पुराणों तक, सभी में वर्णित इनकी भक्ति समझना मुश्किल परम शिव को समझ न आये कोई युक्ति पूर्ण आस्था से हम हो समर्पित, तब जैसा चाहे वैसा फल पायें महाशिवरात्री पर्व की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनायें ये सुने- अब बात विभिन्न प्रतिकों की जिनसे हम प्रेरणा पायें तीन बेल पत्रों से शिव, तन, मन, धन का पूर्ण समर्पण चाहें आक, धतूरा, भांग बताते, बाहय नशे से अन्तर्मन को बचायें तीसरा नेत्र खोलें बोध का, कल जहाँ थे उससे आगे हम जायें नन्दी का बाहर होना अनन्त प्रतीक्षा में, असीम धैर्य का पाठ पढाये दिव्यता की जरूरत नहीं भव्यता को भस्म लपेट कर शिव दिखलायें सर्प और भूत प्रेतों से मैत्री, यानि बाधाओं को अपने अनुकूल बनायें चन्द्रमा का मस्तिष्क पर धारण, मतलब शीतलता हमारे व्यवहार में आये अद्भुत है सारे संकेत, अशुभ में भी शुभ का बोध कराये मानसिक उत्कर्ष का है यह पर्व, मानव उत्कर्ष में इसे लगाये महाशिवरात्री पर्व की आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनायें ये भी देखें-
About The Author
Kavita Dunia
Nulla sagittis convallis arcu. Sed sed nunc. Curabitur consequat. Quisque metus enim, venenatis fermentum, mollis in, porta et, nibh. Duis vulputate elit in elit. Mauris dictum libero id justo.
Popular Posts
-
Guru Purnima: इस कविता के माध्यम से गुरु की महिमा, उनके ऐतिहासिक योगदान और आधुनिक भारत में उनकी भूमिका को दर्शाया गया है। ' गुरु साक्ष...
-
पहलगाम आतंकी हमला 2025 कविता - यह कविता 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, कश्मीर में धर्म के आधार पर हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को...
-
ना नर में कोई राम बचा- ना नर में कोई राम बचा, नारी में ना कोई सीता है ! ना धरा बचाने के खातिर, विष कोई शंकर पीता है !! ना श्रीकृष्ण ...
Labels
Kavita Dunia (Original)
(54)
रामधारी सिंह दिनकर
(20)
हरिवंश राय बच्चन
(17)
Hindi Kavita
(11)
देशभक्ति कविता
(10)
अटल बिहारी वाजपेयी
(7)
सविता पाटिल
(7)
मैथिलीशरण गुप्त
(6)
श्री राम कविता
(6)
English Poem
(5)
Motivational Poem
(5)
माँ
(5)
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
(5)
जीवन पर कविता
(4)
दुष्यन्त कुमार
(4)
होली पर कविता
(4)
महाराणा प्रताप
(3)
योग पर कविता
(3)
रामावतार त्यागी
(3)
सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला"
(3)
किसान पर कविता
(2)
गोपालदास नीरज
(2)
गोपालप्रसाद व्यास
(2)
तेजाजी महाराज कविता
(2)
दोस्ती
(2)
पर्यावरण कविता
(2)
पाश(अवतार सिंह संधू)
(2)
बदलाव पर कविता
(2)
बादल
(2)
मनोज मुंतशिर
(2)
महादेवी वर्मा
(2)
महिला सशक्तिकरण
(2)
रविन्द्र नाथ टैगोर
(2)
रामदरश मिश्र
(2)
शिव पर कविता
(2)
शिवाजी पर कविता
(2)
सुभद्रा कुमारी चौहान
(2)
सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला"
(2)
हरिओम पंवार
(2)
Amanda Gorman
(1)
Christmas
(1)
Edgar Allan Poe
(1)
Elizabeth Bishop
(1)
Emily Dickinson
(1)
Forgiveness Poems
(1)
Gratitude Poems
(1)
John Donne
(1)
John Milton
(1)
Mother
(1)
Poem on Magnet
(1)
Poem on Mirror
(1)
Poem on Time
(1)
Rabindranath Tagore
(1)
Rumi
(1)
William Blake
(1)
William Shakespeare
(1)
अखबार पर कविता
(1)
अज्ञेय
(1)
आईना
(1)
आज की दुनिया
(1)
आत्मविश्वास पर कविता
(1)
आभार कविता
(1)
आरएसएस पर कविता
(1)
कारगिल विजय दिवस
(1)
कृष्ण जी कविता
(1)
केदारनाथ अग्रवाल
(1)
कोरोना
(1)
कोरोना पर कविता
(1)
क्षत्रिय
(1)
खुद पर कविता
(1)
गणेश जी कविता
(1)
गर्मी पर कविता
(1)
गांधी जी पर कविता
(1)
गीता ज्ञान
(1)
गुरु पर कविता
(1)
गुरु पूर्णिमा
(1)
घड़ी पर कविता
(1)
चन्द्रयान-3 पर कविता
(1)
चश्मा
(1)
चाय पर कविता
(1)
चुनाव कविता
(1)
जयशंकर प्रसाद
(1)
जीवन का उद्देश्य
(1)
ज्ञान पर कविता
(1)
टीवी पर कविता
(1)
डॉक्टर पर कविता
(1)
तुलसीदास जी कविता
(1)
दशहरा कविता
(1)
दिवाली पर कविता
(1)
धूमिल
(1)
नरेंद्र मोदी
(1)
नरेश सक्सेना
(1)
नव वर्ष
(1)
नवरात्रि कविता
(1)
पत्थर पर कविता
(1)
परिश्रम
(1)
पिता पर कविता
(1)
पितृ पक्ष कविता
(1)
प्लास्टिक प्रदूषण पर कविता
(1)
बचपन
(1)
बाल विवाह
(1)
ब्राह्मण
(1)
मजदूर पर कविता
(1)
मदन मोहन मालवीय कविता
(1)
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस
(1)
मनुष्य के तीन प्रकार - कविता
(1)
महाकुंभ पर कविता
(1)
माखनलाल चतुर्वेदी
(1)
मानसून पर कविता
(1)
युवा पर कविता
(1)
रक्षाबंधन कविता
(1)
रश्मिरथी
(1)
राम राज्य पर कविता
(1)
रिटायरमेंट पर कविता
(1)
वक्त पर कविता
(1)
विजय दिवस कविता
(1)
विपक्ष की एकता
(1)
विश्वकर्मा जयंती कविता
(1)
वीर सावरकर
(1)
वृक्षारोपण पर कविता
(1)
वैश्य
(1)
शम्भूनाथ तिवारी
(1)
शिक्षक कविता
(1)
शिक्षा का महत्व
(1)
शिवमंगल सिंह सुमन
(1)
शूद्र पर कविता
(1)
श्याम नारायण पांडेय
(1)
श्रमिक दिवस कविता
(1)
संगीत पर कविता
(1)
संसद भवन
(1)
समाज पर कविता
(1)
समान नागरिक सहिंता
(1)
सरस्वती वंदना
(1)
सर्दी पर कविता
(1)
सी. ए. ए. पर कविता
(1)
सुभाष चंद्र बोस
(1)
सुमित्रानंदन पन्त
(1)
सुशांत सिंह राजपूत
(1)
स्वच्छ भारत अभियान कविता
(1)
स्वामी विवेकानंद कविता
(1)
हिंदी कविताएं
(1)
हिंदी दिवस कविता
(1)
हिंदू नव वर्ष पर कविता
(1)

