Maa Par Kavita

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माँ, तू है सबसे महान,
तेरा नाम ही धरती पे सदा याद रहेगा।
तेरे बिना हमारी ज़िंदगी वीरान,
तू ही हमारी मुसीबतों का सहारा।

तू है वो स्वर्गीय बोधि,
जो जगत को जीवन की देती बोधगामिनी।
अपने आंचल में छिपा रखा है हमारा सम्पूर्ण विश्व,
तेरे बलिदान ने दिया है हमें नया पहलू।

जन्म से ही तू ने जीने का धर्म सिखाया,
सांसों की गहराइयों में हमें बांध लिया।
तेरी ममता ने प्यार की सीमा को पार किया,
तू ही हमारी रोशनी, तू ही हमारी आशा।

तेरे सीने में सुख की धड़कन बसी है,
हमेशा हमें आगे बढ़ाने की आस दी है।
तू ही हमारी प्रेरणा, तू ही हमारी बलिदान,
माँ, तू है सच्ची देवी, तेरी जय जयकार है।

जब हम बेखुदी में बह जाते हैं,
तब तू हमें समेट लेती है अपने आंचल में।
जब हम हार मान लेते हैं जीवन के दुःखों से,
तब तू हम में मुस्कराहट की उड़ान भरती है।

दुनिया में कितनी बार बदलते रंग हुए,
पर तेरा प्यार हमेशा हमें संभाले रखा।
माँ, तेरी ममता अनमोल है,
तू ही हमारी पहचान, तेरे बिना नहीं कोई मुकाम।

जब हम अकेले होते हैं, दरारें दिखाई देती हैं,
तब तू हमारी ताकत, हमारा साथ होती है।
जब हम चलने लगते हैं हरामी राहों पर,
तब तू हमें सही मार्ग दिखाती है।

माँ, तेरी ममता में है संपूर्ण विश्व,
तू ही हमें संतुष्टि, शांति देती है।
तेरे बिना जग सुनसान हो जाता,
तेरे होने मात्र से रोशन जहान हो जाता है।

ये देखें: माँ पर कविता -हरिवंश राय बच्चन

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