Category: श्री राम कविता

राम पर पंक्तियां

राम पर पंक्तियां – Ram Par Kavita

रमा है सबमें राम, वही सलोना श्याम। जितने अधिक रहें अच्छा है अपने छोटे छन्द, अतुलित जो है उधर अलौकिक उसका वह आनन्द लूट लो, न लो विराम; रमा है सबमें राम।
हे भारत के राम जगो

हे भारत के राम जगो – श्याम सुंदर रावत | आशुतोष राणा

हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हें जगाने आया हूं, सौ धर्मों का धर्म एक, बलिदान बताने आया हूं सुनो हिमालय कैद हुआ है, दुश्मन की जंजीरों में, आज बता दो कितना पानी, है भारत के वीरो में
मर्यादा पुरुषोत्तम राम पर कविता

मर्यादा पुरुषोत्तम राम पर कविता- राम की मर्यादा सीता का चरित्र

कंकर-कंकर, शंकर जहां पर, कण-कण में है भगवान, है राम से राम-राम तक, श्वाश-श्वाश में बसते राम ....... भारत तेरा स्वाभिमान है राम
राम मंदिर पर कविता

राम मंदिर पर कविता – आखिर अयोध्या हुई राम की

राम इस देश के है, ये देश राम का है राममय है जीवन हमारा, यह सामाजिक परिवेश राम का है दिन की शुरुआत राम-राम से, जीवन का अंत राम-नाम से जो कुछ भी हम बन पाये अब तक, यह अनुग्रह सर्वेश राम का है